ठहरिए जहां आप लगा रहे हैं आस्था की डुबकी, स्वच्छ नहीं है यहां का पानी छठ व्रतियों की आस्था के साथ यहां हुआ खिलवाड़ जशपुर के खिड़की बांध, देउल बांध तालाब और डोंगी बांध अर्थात सति उद्यान तालाब में आकर मिल रहा गंदे पानी का नाला जिला प्रशासन और नगरपालिका ने ऊपर-ऊपर थूक पॉलिश कर लोगों की आंखों धूल झोंककर ले लिया श्रेय
ठहरिए जहां आप लगा रहे हैं आस्था की डुबकी, स्वच्छ नहीं है यहां का पानी छठ व्रतियों की आस्था के साथ यहां हुआ खिलवाड़ जशपुर के खिड़की बांध, देउल बांध तालाब और डोंगी बांध अर्थात सति उद्यान तालाब में आकर मिल रहा गंदे पानी का नाला जिला प्रशासन और नगरपालिका ने ऊपर-ऊपर थूक पॉलिश कर लोगों की आंखों धूल झोंककर ले लिया श्रेय
ठहरिए जहां आप लगा रहे हैं आस्था की डुबकी, स्वच्छ नहीं है यहां का पानी
छठ व्रतियों की आस्था के साथ यहां हुआ खिलवाड़
जशपुर के खिड़की बांध, देउल बांध तालाब और डोंगी बांध अर्थात सति उद्यान तालाब में आकर मिल रहा गंदे पानी का नाला
जिला प्रशासन और नगरपालिका ने ऊपर-ऊपर थूक पॉलिश कर लोगों की आंखों धूल झोंककर ले लिया श्रेय
लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर / 26 अक्टूबर 2025 :- जशपुर जिला मुख्यालय में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों के बीच जशपुर जिला प्रशासन और जशपुर नगरपालिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एक ओर जहां प्रशासन छठ घाटों और तालाबों की साफ -सफाई का दिखावा कर रहा है, तो दूसरी ओर मधुबन टोली और आस-पास के पूरे क्षेत्र के नाली और गटर का दूषित पानी सीधे उसी तालाब में मिल रहा है। जहां पूरी तरह स्वच्छता का पालन करते हुए किए जाने वाला भगवान भाष्कर की आराधना का पर्व छठ पूजा होना है। छठ घाटों की सफाई के नाम पर नगरपालिका ने सिर्फ तालाब के घाट वाले कुछ हिस्सों की ही सफाई की है, जबकि दोनो तालाबों के बाकि हिस्से गंदगी और कचरे की ढेर से अटे पड़े हैं।
अब जब छठ पूजा की शुरूआत हो चुकी है, और कल नहाया खाय के बाद आज देर शाम से खीर भोजन है, और सोमवार को डूबते सूर्य को छठ पूजा के व्रति पहला अर्ध्य देंगे ऐसे में इन तीनों प्रमुख तालाबों में सीधे-सीधे गंदे नाले का पानी आकर मिलने की बात उजागर होने से व्रतियों और श्रद्धालुओं में भारी रोघ व्याप्त है। अब जब छठ पेजा सिर पर है, शहर के लोगों ने प्रशासन से आपातकालीन रूप से तालाब के पानी को शुद्ध करने और नाले के पानी को तालाब में प्रवेश करने से रोकने की मांग की है।
नगरपालिका पर लगे गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि हमेशा से चली आ रही है। हर साल जिला प्रशासन और जशपुर नगरपालिका छठ घाटों और तालाब की सफाई करवाने की औपचारिकता पूरी करके लोगों को गुमराह करने का काम करती है, लेकिन नाले के पानी को तालाब में आने से रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
समूचे छठ पूजा की स्वच्छता और शुद्धता पर ही गहराया संकट
छठ महापर्व में साफ -सफाई और शुद्धता का विशेष महत्व होता है। नाले के गंदे पानी के तालाब में मिलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ छठ व्रतियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन की इस घोर लापरवाही से उनका व्रत खंडित हो रहा है, क्योंकि प्रदूषित जल में खड़े होकर पूजा करना उनकी आस्था के विपरीत है। व्रतियों का सवाल है कि जब शुद्धता इस पर्व का आधार है, तो प्रशासन ने इतने महत्वपूर्ण तालाब को गंदे पानी से बचाने के लिए स्थाई समाधान क्यों नहीं निकाला।
वर्सन
नाली के पानी को तालाब में आने से रोकने के लिए फंड आ गया है। जल्द ही इस व्यवस्था को सुधार दिया जाएगा और नाले के पानी को तालाब से दूर किया जाएगा।
योगेश्वर उपाध्याय, सीएमओ, नगरपालिका जशपुर
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