राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने जशपुर में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने का रखा प्रस्ताव,
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने जशपुर में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने का रखा प्रस्ताव, आदिवासियों के शारीरिक व मानसिक विकास में होगे सहायक, जशपुर बनेगा पूरे देश के लिए रोल माडल
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने जशपुर में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित करने का रखा प्रस्ताव
आदिवासियों के शारीरिक व मानसिक विकास में होगे सहायक, जशपुर बनेगा पूरे देश के लिए रोल माडल
जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज़/13सितम्बर. आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किया जाएगा। बुनियादी सुविधा सहित आधुनिक सुविधाओं से लैस इन आंगनबाड़ी केंद्रों में शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक के बच्चों के स्वास्थ्य के साथ मानसिक विकास के लिए प्रदेश के साथ पूरे देश के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकेगें। राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव ने यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को दिया है। मंत्री राजवाड़े शुक्रवार को एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर पहुंची थी। शहर के सर्किट हाउस में मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रियंवदा सिंह जूदेव ने बताया कि आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में आदिवासियों के साथ पहाड़ी कोरवा,बिरहोर जैसे विशेष संरक्षित जनजातियां निवास करती है। जो आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अब भी पिछड़ी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की राज्य सरकार ऐसे जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ना प्राथमिकता सूची में शामिल है। आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र इन जातियों के बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के साथ ही इनके मानसिक व शारीरिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगें।
इस दौरान जशपुर की विधायक रायमुनि भगत, कृष्ण कुमार राय, नगरपालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जूदेव, भाजपा के जिला प्रवक्ता ओम प्रकाश सिन्हा, दीपक गुप्ता, मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी, अभिषेक गुप्ता, शरद चौरसिया, निज सचिव राजेश सिन्हा सहित भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इन सुविधाओं से होगा लैस -
प्रियंवदा सिंह जूदेव ने बताया कि प्रस्तावित आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र में बेहतर रंग-रोगन के साथ आकर्षक चित्रकारी होगा। इसके साथ बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी-टेबल के साथ एक टेलीविजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बच्चों को गीत-संगीत के माध्यम से शिक्षा दी जा सकेगी। उन्होनें बताया कि एक आंगनबाड़ी केंद्र को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित करने में एक लाख रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।


