श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन भक्ति में डूबा जशपुर; 56 भोग और मटका फोड़ लीला आकर्षण का केंद्र
श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन भक्ति में डूबा जशपुर; 56 भोग और मटका फोड़ लीला आकर्षण का केंद्र
श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन भक्ति में डूबा जशपुर; 56 भोग और मटका फोड़ लीला आकर्षण का केंद्र
लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 9 फरवरी 2026 : शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन रविवार को भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन, संगीतमय भजनों की धुन और भावपूर्ण झांकियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर
पूजन-अर्चना के साथ कथा प्रारंभ, कृष्ण की बाल लीलाओं का रसपूर्ण वर्णन
वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा को रासलीला के पूर्व के प्रसंग तक पहुँचाया गया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें नम हो उठीं और वातावरण भाव-विभोर हो गया।
56 भोग से सजा लड्डू गोपाल, भक्तों की उमड़ी श्रद्धा
कथा के पाँचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किए गए। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से मिठाइयाँ, पकवान और प्रसाद लेकर पहुँचे और लड्डू गोपाल के चरणों में समर्पित किया।
पूरे पंडाल में भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण छाया रहा।
भजन ‘युग-युग जिए रे लाल’ पर झूमे श्रद्धालु
कथा के दौरान –
“युग-युग जिए रे लाल”,
“नंद के आनंद भयो”,
“छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल”
जैसे भजनों ने श्रद्धालुओं को देर तक झूमने पर मजबूर कर दिया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सक्रिय सहभागिता देखने लायक रही।
वृंदावन के आचार्य कौशल महाराज के निर्देशन में बनी भव्य झांकियां
वृंदावन से आए आचार्य कौशल महाराज के मार्गदर्शन में तैयार झांकियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं।
भागवत कथा में वर्णित प्रसंगों के अनुरूप बच्चों ने सजीव प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
सजावट, प्रकाश व्यवस्था, भावपूर्ण मुद्राओं और बाल कलाकारों की सहज अभिव्यक्ति ने झांकियों को अलौकिक बना दिया।
मटका फोड़ लीला में दिखा उत्साह
कथा स्थल पर आयोजित मटका फोड़ लीला में बच्चों से लेकर युवाओं तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत करती इस परंपरा ने पूरा पंडाल जयकारों से गुंजायमान कर दिया।
प्रसाद वितरण और कथा का दैनिक क्रम
कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसे समिति सदस्यों और स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से पूरा कराया।
उल्लेखनीय है कि सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीहरि कीर्तन भवन में जारी रहेगी।
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