*मुख्यमंत्री के गृह जिले में पदस्थापना के आदेश, फिर भी ज्वाइनिंग पर संशय, आदेश में 26 अक्टूबर तक ज्वाइनिंग के निर्देश, फिर भी पदभार नहीं संभाला!*
*मुख्यमंत्री के गृह जिले में पदस्थापना के आदेश, फिर भी ज्वाइनिंग पर संशय, आदेश में 26 अक्टूबर तक ज्वाइनिंग के निर्देश, फिर भी पदभार नहीं संभाला!* *कोरबा से जशपुर स्थानांतरित रोहित कुमार सिंह की ज्वाइनिंग पर सवाल, अब शासन की अगली कार्रवाई पर नजर*
*मुख्यमंत्री के गृह जिले में पदस्थापना के आदेश, फिर भी ज्वाइनिंग पर संशय, आदेश में 26 अक्टूबर तक ज्वाइनिंग के निर्देश, फिर भी पदभार नहीं संभाला!*
*कोरबा से जशपुर स्थानांतरित रोहित कुमार सिंह की ज्वाइनिंग पर सवाल, अब शासन की अगली कार्रवाई पर नजर*
लोक सीजी न्यूज/जशपुर, 27 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्थानांतरित अधिकारी के नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कोरबा से जशपुर स्थानांतरित रोहित कुमार सिंह ने निर्धारित समयसीमा 26 अक्टूबर 2026 तक जशपुर में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में उल्लेख किया गया है कि निर्धारित तिथि तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों को विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ 01-017/2024/एक/6, दिनांक 25 नवंबर 2024 के तहत 23 अक्टूबर 2026 को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त किया जाता है। साथ ही, 26 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर पालन प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में यदि रोहित कुमार सिंह के निर्धारित समयसीमा तक ज्वाइनिंग नहीं करने की पुष्टि होती है, तो यह मामला शासन के निर्देशों के अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
मुख्यमंत्री के गृह जिले में पदस्थापना, फिर भी ज्वाइनिंग पर संशय
याद रहे कि जशपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला है। ऐसे में जिले में पदस्थापना के लिए जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी के कार्यभार ग्रहण नहीं करने का मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, ज्वाइनिंग में देरी के पीछे कोई अधिकृत अनुमति, विभागीय आदेश या अन्य स्वीकार्य कारण है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
शासन की ओर से एकपक्षीय कार्यमुक्ति और निर्धारित समयसीमा में नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए जाने के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
यदि आधिकारिक अभिलेखों में समयसीमा तक ज्वाइनिंग नहीं करने की पुष्टि होती है और अनुपस्थिति के संबंध में कोई मान्य कारण सामने नहीं आता है, तो नियमानुसार संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।