*बीआरसीसी श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ निलंबित*

*लायसेंसी पिस्टल से हवाई फायर और ट्रक चालक से मारपीट का मामला* *बीआरसीसी श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ निलंबित*

*बीआरसीसी श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ निलंबित*

*लायसेंसी पिस्टल से हवाई फायर और ट्रक चालक से मारपीट का मामला*

*बीआरसीसी श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त, सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ निलंबित*

लोक सीजी न्यूज / जशपुर, 24 सितम्बर 2026 :- ट्रक चालक को पिस्टल दिखाकर कथित तौर पर दो हवाई फायर करने, मारपीट और मोबाइल लूटने के मामले में जशपुर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। 

       कलेक्टर रोहित व्यास ने आरोपी बीआरसीसी श्यामलाल साहू की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। वहीं, मामले में दूसरे आरोपी, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ को निलंबित करने की अनुशंसा की गई। शाम होते होते सरगुजा संभाग शिक्षा के संयुक्त संचालक राजेश कुमार सिंह ने राजेश अम्बष्ट को मामले में प्रथम दृष्टि में उन पर लगे आरोपों को सही पाते हुए निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी और उन्हें इस दौरान बीईओ कार्यालय कुनकुरी में संलग्न किया गया है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्यामलाल साहू का मूल पद फरसाबहार ब्लॉक के संकुल केंद्र समन्वयक का संविदा पद है और वर्तमान में वह जिला राजीव गांधी समग्र शिक्षा कार्यालय में संलग्न थे। 

          ज्ञात हो कि सूरजपुर जिले के खड़गवां पुलिस ने उन्हें 18 सितंबर को आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धारा 309(7) के तहत गिरफ्तार किया था। कर्मचारी का आचरण सिविल सेवा आचरण संहिता के विपरीत पाए जाने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।

निजी कार से रास्ता रोककर फायरिंग और मोबाइल छीनने का आरोप

मामला 19 सितंबर का है। आरोप है कि राजेश अंबस्थ और श्यामलाल साहू निजी कार से अंबिकापुर गए थे। लौटते समय रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास उन्होंने हाईवा चालक शिव प्रसाद का रास्ता रोककर उसे नीचे उतरने को कहा। चालक के नहीं उतरने पर कथित रूप से पिस्टल से हवाई फायर कर मोबाइल छीन लिया गया।

        डंफर चालक की शिकायत पर खड़गवां चौकी पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 309(7) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस की कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने विभागीय कार्रवाई की है।