*शाही रथ पर सवार होकर निकले भगवान बालाजी, रावण दहन के साथ जशपुर दशहरा महोत्सव का समापन*

*शाही रथ पर सवार होकर निकले भगवान बालाजी, रावण दहन के साथ जशपुर दशहरा महोत्सव का समापन*

*शाही रथ पर सवार होकर निकले भगवान बालाजी, रावण दहन के साथ जशपुर दशहरा महोत्सव का समापन*

शाही रथ पर सवार होकर

निकले भगवान बालाजी,

रावण दहन के साथ दशहरा

महोत्सव का समापन

लोक सीजी न्यूज/जशपुरनगर, 20 अक्टूबर : जशपुर में मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान बालाजी की भव्य रथयात्रा और रावण दहन के साथ जशपुर के राजसी दशहरा महोत्सव का रंगारंग समापन हुआ। इस अवसर पर रणजीता स्टेडियम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक रावण दहन के साक्षी बने।

सोलह श्रृंगार के साथ निकली भगवान बालाजी की भव्य रथयात्रा

विजयादशमी के अवसर पर भगवान बालाजी को सोलह श्रृंगार कर चांदी के सिंहासन पर विराजमान किया गया। इसके बाद राज परिवार के सदस्यों ने पूजा-अर्चना कर भगवान को लकड़ी के रथ पर विराजित किया। शाम करीब चार बजे बालाजी मंदिर से शाही रथयात्रा प्रारंभ हुई। शाही परिधान में सजे सैनिक अस्त्र-शस्त्र, तुरही, चंवर और छत्र के साथ भगवान की सेवा में उपस्थित रहे।

रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। करीब एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर भगवान बालाजी का रथ खींचने के लिए लोगों में होड़ लगी रही। श्रद्धालु रस्सी पकड़कर रथ खींचने को सौभाग्य मानते नजर आए। रास्ते में जगह-जगह भगवान बालाजी की पूजा-अर्चना की गई।

रणजीता स्टेडियम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

भगवान बालाजी की रथयात्रा रणजीता स्टेडियम पहुंची, जहां बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और नीलकंठ के दर्शन कर परंपरा का निर्वहन किया। सुबह से ही बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए गांव-गांव से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।

रथयात्रा में राज परिवार के सदस्य, आचार्य, पुस्तकाचार्य और राजपुरोहित भी अलग-अलग रथों पर सवार होकर शामिल हुए। पूरे आयोजन में भक्ति, परंपरा और राजसी वैभव की झलक देखने को मिली। अंत में रावण दहन के साथ दशहरा महोत्सव संपन्न हुआ और लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व हर्षोल्लास से मनाया।