सुअर मारने के लिए बिछाई गई बिजली के नंगे तारों की चपेट में आकर हुई थी जंगली हाथी की मौत पूर्व डीडीसी का पति मामले का मुख्य आरोपी, जंगली सुअर मारने के लिए बिछाई थी बिजली के तार
सुअर मारने के लिए बिछाई गई बिजली के नंगे तारों की चपेट में आकर हुई थी जंगली हाथी की मौत पूर्व डीडीसी का पति मामले का मुख्य आरोपी, जंगली सुअर मारने के लिए बिछाई थी बिजली के तार
सुअर मारने के लिए बिछाई गई बिजली के नंगे तारों की चपेट में आकर हुई थी जंगली हाथी की मौत
पूर्व डीडीसी और का पति मामले का मुख्य आरोपी, जंगली सुअर मारने के लिए बिछाई थी बिजली के तार
लोक सीजी न्यूज/जशपुरनगर, 21 अक्टूबर 2025 :- रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को अपने झुंड से अलग होकर भटक रहे जंगली हाथी की करंट की चपेट में आकर हुई मौत के मामले में वन विभाग ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य का पति भी शामिल है।
ज्ञात हो कि 21 अक्टूबर 2025 को तमनार वन परिक्षेत्र के केराखोल गांव के पास एक ७ साल के हाथी की मौत करंट लगने से हो गई थी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खेत की मेड़ पर जंगली सुअर का शिकार करने के लिए बिजली का तार बिछाया गया था, जिसकी चपेट में आकर हाथी की मौत हो गई। जांच के दौरान वन अमले ने घटनास्थल से बिजली के तार, खंभे और अन्य उपकरण जब्त किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने लगातार खोजबीन और पूछताछ के बाद आरोपियों को चिन्हित किया।
भाजपा नेत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य का पति मुख्य आरोपी
वन विभाग की टीम ने इस प्रकरण में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी बसंत राठिया पिता ठाकुर राम उम्र 40 वर्ष, निवासी केराखोल, वीर सिंह मांझी पिता मेहत्तर मांझी उम्र 28 वर्ष निवासी केराखोल, रामनाथ राठिया पिता महेत्तर राठिया उम्र 42 वर्ष निवासी औराईमुड़ा सहयोगी आरोपी के नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, बसंत राठिया भाजपा की पूर्व जिला पंचायत सदस्य का पति है, जो मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
तमनार के वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में विशेष निगरानी बढ़ाई गई थी। तकनीकी साक्ष्य और ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार तीनों आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।
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