*सरगुजा रेंज में किरायेदारों और संदिग्ध बाहरी लोगों का होगा सत्यापन अभियान, IG के निर्देश पर सभी जिलों में पुलिस अलर्ट* *गैंग्स ऑफ बासेपुर के फरार आरोपी के अंबिकापुर में छिपे मिलने के बाद सख्ती, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय*

*सरगुजा रेंज में किरायेदारों और संदिग्ध बाहरी लोगों का होगा सत्यापन अभियान, IG के निर्देश पर सभी जिलों में पुलिस अलर्ट* *गैंग्स ऑफ बासेपुर के फरार आरोपी के अंबिकापुर में छिपे मिलने के बाद सख्ती, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय*

*सरगुजा रेंज में किरायेदारों और संदिग्ध बाहरी लोगों का होगा सत्यापन अभियान, IG के निर्देश पर सभी जिलों में पुलिस अलर्ट*  *गैंग्स ऑफ बासेपुर के फरार आरोपी के अंबिकापुर में छिपे मिलने के बाद सख्ती, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय*
आईजी सरगुजा दीपक कुमार झा

*सरगुजा रेंज में किरायेदारों और संदिग्ध बाहरी लोगों का होगा सत्यापन अभियान, IG के निर्देश पर सभी जिलों में पुलिस अलर्ट*

*गैंग्स ऑफ बासेपुर के फरार आरोपी के अंबिकापुर में छिपे मिलने के बाद सख्ती, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गोपनीय*

लोक सीजी न्यूज / सरगुजा 10 जुलाई 2026 । सरगुजा रेंज में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने सभी जिलों में विशेष सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के तहत किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों, संदिग्ध लोगों, मुसाफिरों, दूसरे राज्यों के फरार आरोपियों और असामाजिक तत्वों का सत्यापन किया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति रह रहा हो तो उसकी जानकारी गोपनीय रूप से पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

यह फैसला हाल ही में सामने आए एक मामले के बाद लिया गया है। झारखंड के धनबाद के बासेपुर निवासी गैंगस्टर साबीर आलम, जिसे वर्ष 2001 में गैंग्स ऑफ बासेपुर के डॉन फहीम खान की मां और मौसी की हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया था, झारखंड हाईकोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद वर्ष 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसे स्थानीय स्तर पर शरण मिली हुई थी।

आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जिले में नोडल अधिकारियों की निगरानी में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति का विस्तृत सत्यापन कराया जाए। शहरी थाना क्षेत्रों को बीट और वार्ड के आधार पर विभाजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अभियान के दौरान किरायेदारों के अलावा होटल, ढाबों, ईंट-भट्ठों, उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों, घुमंतू लोगों, फेरीवालों और मुसाफिरों की भी जांच होगी।

पुलिस मकान मालिकों से किरायेदारों की पूरी जानकारी लेगी। यदि कोई मकान मालिक जानकारी देने से इंकार करता है या सहयोग नहीं करता है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा सूची के अपराधियों और जिला बदर किए गए लोगों की भी नियमित जांच की जाएगी। अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा और कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक के माध्यम से आईजी कार्यालय भेजी जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास रहने वाले लोगों की सही जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं। यदि किसी वार्ड, मोहल्ले या गांव में कोई संदिग्ध या अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति रह रहा हो तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।