*करील-पुटू व जंगली दवाई लेने जंगल गया था युवक, वहीं शावकों के साथ मौजूद थी बाघिन, युवक पर किया हमला मौके पर मौत*
*करील-पुटू व जंगली दवाई लेने जंगल गया था युवक, वहीं शावकों के साथ मौजूद थी बाघिन, युवक पर किया हमला मौके पर मौत*
*करील-पुटू व जंगली दवाई लेने जंगल गया था युवक, वहीं शावकों के साथ मौजूद थी बाघिन, युवक पर किया हमला मौके पर मौत*
लोक सीजी न्यूज / अचानकमार 28 अगस्त 2026 :- अचानकमार टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघिन के हमले में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम बांधा निवासी धरमजीत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में घटना हुई, वहां बाघिन अपने तीन शावकों के साथ मौजूद थी। घटना के बाद बांधा सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार धरमजीत अपने भाई दशरथ और अन्य साथियों के साथ जंगल में करील-पुटू और जंगली दवाई की तलाश में गया था। इसी दौरान वह अपने साथियों से अलग हो गया। कुछ देर बाद साथियों को जंगल की ओर से धरमजीत की चीख और जंगली जानवर की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वे मौके पर पहुंचे तो सामने बाघिन अपने तीन शावकों के साथ मौजूद थी।
मृतक के भाई दशरथ के मुताबिक, बाघिन ने धरमजीत पर हमला कर दिया था। उसे बचाने की कोशिश की गई तो बाघिन उनकी ओर भी झपटने लगी। जान बचाने के लिए वे पीछे हट गए और गांव में फोन कर घटना की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम को जानकारी दी गई। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक धरमजीत की मौत हो चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार मृतक की गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं।
शावकों की सुरक्षा में आक्रामक हुई बाघिन
अचानकमार टाइगर रिजर्व के एसडीओ समीर जोनाथन के अनुसार क्षेत्र में दो से तीन बाघों की मूवमेंट की जानकारी है। इसी क्षेत्र में एक बाघिन द्वारा शावकों को जन्म दिए जाने की भी सूचना है। प्रथम दृष्टया आशंका है कि शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने खतरा महसूस होने पर धरमजीत पर हमला किया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जब क्षेत्र में बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी की जानकारी थी, तो ग्रामीण संवेदनशील इलाके तक कैसे पहुंच गए? जंगल में जाने वाले लोगों की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं और संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से चेतावनी एवं निगरानी बढ़ाई गई थी या नहीं, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वन विभाग का कहना है कि मानसून के दौरान विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। वन्यजीवों की मूवमेंट वाले क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं बांधा और आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है।