*कोरिया ट्रिपल मर्डर केस: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, इलाके में सनसनी* *कार में जिंदा जलाया, फरसे से हमला; 4 आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई*

*कोरिया ट्रिपल मर्डर केस: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, इलाके में सनसनी* *कार में जिंदा जलाया, फरसे से हमला; 4 आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई*

*कोरिया ट्रिपल मर्डर केस: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, इलाके में सनसनी*  *कार में जिंदा जलाया, फरसे से हमला; 4 आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई*
घटना स्थल पर जांच करती फॉरेंसिक टीम

*कोरिया ट्रिपल मर्डर केस: भाजपा नेता समेत 3 की मौत, इलाके में सनसनी*

*कार में जिंदा जलाया, फरसे से हमला; 4 आरोपी गिरफ्तार, परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई*

लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर / बैकुंठपुर कोरिया 18 जून 2026 : बैकुंठपुर। कोरिया जिले में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सोनहत जनपद के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह (56) की 16 जून की रात ग्राम नौगई में उनकी फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। हमले में गंभीर रूप से घायल उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह (54) और रिश्तेदार बिरेंद्र सिंह (28) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह का रायपुर में उपचार जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले रेत परिवहन से जुड़े विवाद और कथित वसूली को लेकर तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि हत्याकांड से एक दिन पहले मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के भाई के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। मृतक भरत सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेता माने जाते थे और स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ थी।

9 नामजद आरोपियों पर अपराध कायम

पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

प्रदेश में चर्चित भाजपा नेता हत्याकांड ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस जघन्य वारदात की गूंज सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है। मामले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष दोनों का संबंध भारतीय जनता पार्टी से बताया जा रहा है, जिसके कारण घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रेत का काला कारोबार विवाद की वजह 

प्रारंभिक चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच रेत कारोबार, अवैध वसूली और कथित कमीशनखोरी को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही हैं। घटना के बाद विपक्षी दल भी सरकार पर निशाना साध रहे हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था तथा खनिज कारोबार पर सवाल उठा रहे हैं।

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