*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छात्रावास भवन निर्माण कार्य में तेजी*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छात्रावास भवन निर्माण कार्य में तेजी* *3 करोड़ 45 लाख रुपए की मिली है मंजूरी, फरसाबहार तहसील के पंडरीपानी में बन रहा प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छात्रावास भवन निर्माण कार्य में तेजी*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छात्रावास भवन निर्माण कार्य में तेजी*

*3 करोड़ 45 लाख रुपए की मिली है मंजूरी, फरसाबहार तहसील के पंडरीपानी में बन रहा प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन*

*अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का मिलेगा अवसर*

लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर, 28 अक्टूबर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रावास भवन निर्माण कार्य को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र अंतर्गत पंडरीपानी में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।

इस छात्रावास भवन के निर्माण से अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावास में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत होगी तथा उन्हें अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखने का अवसर मिलेगा।

*विद्यार्थियों की सुविधा और शिक्षा पर जोर*

छात्रावास भवन का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा शिक्षा के प्रति उनकी निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में शैक्षणिक अधोसंरचना के विकास और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। पंडरीपानी में निर्माणाधीन छात्रावास भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।