बुजुर्ग की चाय पीते हो बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत आंखों से कम दिखाई देता था बुजुर्ग को, खुद के लिए चाय बनाने के दौरान शक्कर की जगह कीट नाशक डाल कर पीने से हुआ हादसा

बुजुर्ग की चाय पीते हो बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत आंखों से कम दिखाई देता था बुजुर्ग को, खुद के लिए चाय बनाने के दौरान शक्कर की जगह कीट नाशक डाल कर पीने से हुआ हादसा

बुजुर्ग की चाय पीते हो बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत   आंखों से कम दिखाई देता था बुजुर्ग को, खुद के लिए चाय बनाने के दौरान शक्कर की जगह कीट नाशक डाल कर पीने से हुआ हादसा
फाइल फोटो

बुजुर्ग की चाय पीते हो बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत 

आंखों से कम दिखाई देता था बुजुर्ग को, खुद के लिए चाय बनाने के दौरान शक्कर की जगह कीट नाशक डाल कर पीने से हुआ हादसा

लोक सीजी न्यूज़/जशपुरनगर/ 24 अक्टूबर 2025, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक छोटी सी गलती से बुजुर्ग की जान चली गई, चाय बनाते समय बुजुर्ग ने गलती से शक्कर की जगह अपनी चाय में पूरे एक चम्मच कीटनाशक पाउडर डाल दिया, जिसे पीते ही बुजुर्ग की तबियत बिगड़ी और फिर मौत हो गई।

            घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला सरगुजा जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बासेन का है। जहां एक बुजुर्ग ने चाय बनाते समय शक्कर समझकर गलती से कीटनाशक को चाय में डाल दिया जिसे पीने के बाद बेहोश हो गया और फिर जान चली गई। मृतक की पहचान उदयपुर थाना क्षेत्र के बासेन गांव का रहने वाले वीर साय (65 वर्ष) के रूप में हुई है। 

आंखों से कम दिखाई देने की वजह से हुआ हादसा

परिवार के लोगों ने बताया की, बुजुर्ग को आंखों से कम दिखाई देने की समस्या थी। जानकारी के मुताबिक़, वीर साय अपनी पत्नी के साथ रहता था. उसका बेटा अलग परिवार के साथ रहता है। वीर साय को आंखों की समस्या थी, लेकिन वो खुद अपने हाथों रोज चाय बनाया करता था। हमेशा की तरह घटना वाले दिन यानी गुरुवार को भी अपने लिए चाय बना रहा था।

चाय में शक्कर की जगह कीटनाशक डालकर पी गया बुजुर्ग

परिजनों ने बताया कि चाय बनाने के दौरान बुजुर्ग ने गलती से शक्कर समझकर कीटनाशक पाउडर को चाय में डाल दिया। और इस चाय को पीते ही वीर साय की तबीयत बिगड़ने लगी, और फिर वो बेहोश हो गए। वीर साय को इलाज के लिए तुरंत उदयपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने उसे अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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