*सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, आय छिपाकर बेटी का कराया था मुफ्त एडमिशन*
*सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, आय छिपाकर बेटी का कराया था मुफ्त एडमिशन*
*सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, आय छिपाकर बेटी का कराया था मुफ्त एडमिशन*
*उत्कर्ष योजना में फर्जी आय प्रमाण पत्र का खेल उजागर, गरीब विद्यार्थियों का छीना हक*
लोक सीजी न्यूज / जशपुर 30 मई 2026 : शासन की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर अनुचित लाभ लेने वाले एक सरकारी शिक्षक को पत्थलगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर कम आय का प्रमाण पत्र बनवाया और पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत नि:शुल्क शिक्षा दिलाई। पुलिस जांच में मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार कांसाबेल निवासी ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा की शिकायत पर जांच शुरू की गई थी।
ख़ुद को किसान बता कर बनवाया 75 हज़ार वार्षिक आय प्रमाण पत्र
जांच में सामने आया कि ग्राम जामझोर निवासी शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी वार्षिक आय मात्र 75 हजार रुपए दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया था, जबकि विभागीय अभिलेखों में उसकी वार्षिक आय लगभग 6.79 लाख रुपए पाई गई। आरोपी ने स्वयं को कृषक बताकर मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत किया और शैक्षणिक सत्र 2024-25 में अपनी पुत्री का कक्षा 6वीं में उत्कर्ष योजना के अंतर्गत प्रवेश करा दिया।
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी के इस कृत्य से योजना के वास्तविक पात्र और आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित हुए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पत्थलगांव थाना में अपराध क्रमांक 55/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में मामला दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर 30 मई 2026 को आरोपी चमर साय पैकरा (41) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले की जांच और गिरफ्तारी में निरीक्षक विनीत कुमार पाण्डेय, एएसआई लखेश कुमार साहू, आरक्षक राजेन्द्र रात्रे तथा साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि शासकीय योजनाओं में फर्जी दस्तावेजों और मिथ्या जानकारी के आधार पर लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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