*तीन आरक्षक सेवा से बर्खास्त, दो की वेतन वृद्धि और वेतनमान पर चली अनुशासन की कैंची, जशपुर एसएसपी की बड़ी कार्रवाई* *13 से 20 साल की नौकरी में सैकड़ों दिन रहे गायब, विभागीय जांच में हुआ खुलासा*

*तीन आरक्षक सेवा से बर्खास्त, दो की वेतन वृद्धि और वेतनमान पर चली अनुशासन की कैंची, जशपुर एसएसपी की बड़ी कार्रवाई* *13 से 20 साल की नौकरी में सैकड़ों दिन रहे गायब, विभागीय जांच में हुआ खुलासा*

*तीन आरक्षक सेवा से बर्खास्त, दो की वेतन वृद्धि और वेतनमान पर चली अनुशासन की कैंची, जशपुर एसएसपी की बड़ी कार्रवाई*  *13 से 20 साल की नौकरी में सैकड़ों दिन रहे गायब, विभागीय जांच में हुआ खुलासा*
एसपी ऑफिस जशपुर

*तीन आरक्षक सेवा से बर्खास्त, दो की वेतन वृद्धि और वेतनमान पर चली अनुशासन की कैंची, जशपुर एसएसपी की बड़ी कार्रवाई*

*13 से 20 साल की नौकरी में सैकड़ों दिन रहे गायब, विभागीय जांच में हुआ खुलासा*

लोक सीजी न्यूज / जशपुर 30 मई 2026 : पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और लंबे समय तक अनाधिकृत अनुपस्थिति पर जशपुर पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में दोषी पाए गए पांच आरक्षकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया, जबकि दो अन्य को कठोर वित्तीय दंड दिया गया है।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस रेगुलेशन के नियम 221(अ) के तहत कार्रवाई करते हुए आरक्षक क्रमांक 737 संतोष कुमार राम, आरक्षक क्रमांक 525 नेल्सन तिग्गा और आरक्षक क्रमांक 394 अशोक कुमार एक्का को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया। वहीं आरक्षक क्रमांक 47 इरीमियस कुजूर की एक वेतन वृद्धि के बराबर राशि संचयी प्रभाव से काटी गई है तथा आरक्षक क्रमांक 144 बिंदेश्वर राम को एक वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान पर लाने का दंड दिया गया है, जिसका असर भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन पर भी पड़ेगा।

जांच में सामने आया कि सेवा से पृथक किए गए तीनों आरक्षक वर्षों से बार-बार लंबे समय तक बिना अनुमति गैरहाजिर रहने के आदी थे। संतोष कुमार राम 13 वर्ष की सेवा में 469 दिन, नेल्सन तिग्गा 17 वर्ष की सेवा में 923 दिन और अशोक कुमार एक्का 20 वर्ष की सेवा में 1151 दिन तक गैरहाजिर रहे। इन सभी के खिलाफ पहले भी कई बार विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी थी, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं आने पर यह कठोर कदम उठाया गया।

एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।