आश्रम से लापता 9 साल के छात्र का तालाब में मिला शव: अधीक्षक ने अफसरों को नहीं दी जानकारी, कलेक्टर ने किया सस्पेंड*
*आश्रम से लापता 9 साल के छात्र का तालाब में मिला शव: अधीक्षक ने अफसरों को नहीं दी जानकारी, कलेक्टर ने किया सस्पेंड*
*आश्रम से लापता 9 साल के छात्र का तालाब में मिला शव: अधीक्षक ने अफसरों को नहीं दी जानकारी, कलेक्टर ने किया सस्पेंड*
लोक सीजी न्यूज / जशपुर 9 सितम्बर:- कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के आदिवासी बालक आश्रम शाला मझारटोला में लापरवाही का मामला सामने आया है। आश्रम में रहकर चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 9 वर्षीय छात्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई। छात्र का शव 9 सितंबर को आश्रम के नजदीक स्थित तालाब से बरामद किया गया।
मृतक छात्र की पहचान ग्राम पंचायत टेंगनी निवासी प्रिंस सिंह पिता बिजेन्द्र सिंह (9) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसके परिजन दो दिन पहले ही उसे आश्रम में छोड़कर गए थे।
जानकारी के अनुसार, 8 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे प्रिंस आश्रम में मौजूद नहीं था। छात्र के गायब होने की जानकारी आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का ने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। परिजनों को भी इसकी जानकारी शाम को दी गई। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर बच्चे की तलाश शुरू की।
अगले दिन 9 सितंबर को आश्रम के पास स्थित तालाब में छात्र का शव मिला। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सोनहत पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
छात्र के लापता होने की सूचना नहीं देने पर अधीक्षक सस्पेंड, SDM करेंगे जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने आश्रम अधीक्षक अशोक एक्का को तत्काल निलंबित कर दिया। कलेक्टर ने अधीक्षक के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के विपरीत पाया। कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत की गई है।
निलंबन अवधि में अधीक्षक को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में अटैच किया गया है। वहीं पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सोनहत SDM को सौंपी गई है।
जांच में छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की परिस्थितियों, आश्रम प्रबंधन की भूमिका और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने आश्रम और छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, नियमित उपस्थिति और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और देखरेख में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


