करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री सोहरई करमा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल
करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री सोहरई करमा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा, रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण
करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री सोहरई करमा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल
ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा, रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण
लोक सीजी न्यूज/जशपुरनगर/ 19 अक्टूबर 2025 :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन, सोहरई करमा महोत्सव 2025 में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व में की गई घोषणा को पूरा करते हुए कुनकुरी में 20 लाख रुपए लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण और ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए और रायपुर में रौतिया भवन पहुंच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने मंच में रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्र में माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, कौशल्या साय सहित मुख्यमंत्री के परिवारजन मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिल जुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा, जितिया करमा और बांबा करमा जैसी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं । यह उत्सव समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 कर दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2800 करोड़ की स्वीकृति दी गई हैए जिससे कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दो दिनों पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन जागरूकता मिशन में जशपुर जिले को शामिल किया गया है, जिससे जिले के कृषि क्षेत्र में व्यापक विकास होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
’मुख्यमंत्री ने मांदर बजाते हुए करमा नर्तक दल के साथ किया पारंपरिक नृत्य’
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान के आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टांगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य भी किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिवारजन भी उपस्थित रहे।
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