*जशपुर के दुलदुला के जंगल में नर हाथी की मौत, करंट या जहर से शिकार की आशंका*

*जशपुर के दुलदुला के जंगल में नर हाथी की मौत, करंट या जहर से शिकार की आशंका*

*जशपुर के दुलदुला के जंगल में नर हाथी की मौत, करंट या जहर से शिकार की आशंका*

लोक सीजी न्यूज / जशपुर, 24 सितम्बर  2026 :- जशपुर के दुलदुला वन परिक्षेत्र के नोनपानी जंगल में गुरुवार को एक नर हाथी का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह हाथी जंगल में दिखाई दिया था। कुछ देर बाद वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

डीएफओ शशि कुमार सहित वन विभाग के आला अधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी की उम्र करीब 12 से 15 वर्ष होने का अनुमान है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने शुरू की जांच

हाथी की मौत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए अंबिकापुर से वन विभाग के वाइल्ड लाइफ की फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के जंगल में बारीकी से जांच शुरू कर दी है। वन अधिकारियों द्वारा हाथी की मौत से जुड़े सभी संभावित पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

जंगली सुअर के शिकार को लेकर भी जांच

नोनपानी क्षेत्र में पूर्व में जंगली सुअरों के शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। बताया जा रहा है कि शिकारी करंट और विष का इस्तेमाल कर जंगली सुअरों का शिकार करते हैं। ऐसे में वन विभाग हाथी की मौत के मामले में करंट या विष के इस्तेमाल की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रहा है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

हाथी प्रभावित क्षेत्र है जशपुर

जशपुर जिला प्रदेश के प्रमुख हाथी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। ओडिशा और झारखंड की ओर से हाथियों का लगातार जिले में प्रवेश होता है। जिले के आठ विकासखंडों में से छह हाथी प्रभावित क्षेत्र हैं। दुलदुला और तपकरा वन परिक्षेत्र में वर्षभर हाथियों की आवाजाही दर्ज की जाती है। ऐसे में युवा नर हाथी की मौत ने वन्यजीव संरक्षण और निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।