अर्धवार्षिक परीक्षा के बीच प्राथमिक स्कूलों का प्रशिक्षण शिक्षक संगठनों ने कहा, शिक्षक और परीक्षा व्यवस्था हो रही प्रभावित
अर्धवार्षिक परीक्षा के बीच प्राथमिक स्कूलों का प्रशिक्षण शिक्षक संगठनों ने कहा, शिक्षक और परीक्षा व्यवस्था हो रही प्रभावित
अर्धवार्षिक परीक्षा के बीच प्राथमिक स्कूलों का प्रशिक्षण
शिक्षक संगठनों ने कहा, शिक्षक और परीक्षा व्यवस्था हो रही प्रभावित
लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 13 दिसंबर 2025 :- हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित कराने की तैयारी कर चुका है. जिले के सभी विकासखंडों में आगामी 15 दिसंबर से एफ.एल.एन. के अंतर्गत नवीन पाठ्यपुस्तकों पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए बाकायदा आदेश भी जारी कर दिया गया है. वहीं शनिवार से प्रायमरी एवम मिडिल स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो चुकी है। इस दौरान प्रायमरी स्कूल के एक शिक्षक उक्त प्रशिक्षण में शामिल होंगे जिससे विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है. परीक्षा अवधि में शिक्षकों के प्रशिक्षण में चले जाने से विद्यालयों में न तो पठन-पाठन सुचारू रूप से हो पाएगा और न ही परीक्षा का सही ढंग से संपादन संभव हो पायेगा.
गौरतलब है कि वर्तमान नए सेटअप के तहत 60 से कम दर्ज संख्या वाले प्राथमिक शालाओं में मात्र 2 शिक्षक के पदस्थापना का प्रावधान है. ऐसे में जब एक शिक्षक प्रशिक्षण में चला जाएगा, तो शेष बचे एक शिक्षक के लिए अकेले परीक्षा का संचालन, उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण, अनुशासन बनाए रखना एवं अन्य शासकीय कार्यों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। कई विद्यालयों में तो एकल शिक्षक के भरोसे पूरी परीक्षा व्यवस्था छोड़ दी गई है, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है.
अभिभावकों एवं शिक्षक संगठनों का कहना है कि अर्धवार्षिक परीक्षा विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. इस संवेदनशील अवधि में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना छात्रहित के विपरीत है और इससे विद्यार्थियों की तैयारी, मूल्यांकन एवं मार्गदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
शिक्षाविदों एवं संगठनों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को परीक्षा अवधि के बाद आयोजित किया जाए, ताकि शिक्षकों का प्रशिक्षण भी सुचारू रूप से हो सके और विद्यार्थियों की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो. छात्रहित को ध्यान में रखते हुए विभाग से शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा की गई है।
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