जिला मुख्यालय और आसपास के इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बनी हुई थी मादा भालू वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर भालू को पकड़ा

जिला मुख्यालय और आसपास के इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बनी हुई थी मादा भालू वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर भालू को पकड़ा, ख़बर से लोगों ने ली राहत

जिला मुख्यालय और आसपास के इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बनी हुई थी मादा भालू  वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर भालू को पकड़ा

जिला मुख्यालय और आसपास के इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बनी हुई थी मादा भालू

वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर भालू को पकड़ा, ख़बर से लोगों ने ली राहत 

लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 17 दिसंबर 2025. सरगुजा संभाग के मनेन्द्रगढ़ जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में लंबे समय से दहशत का कारण बनी मादा भालू और उसके दो शावकों को पकड़ने में आज आखिरकार वन विभाग को सफलता मिल गई।                   कई दिनों की सतर्क निगरानी, रणनीति और कड़ी मशक्कत के बाद वन अमले ने यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। इस कार्रवाई के बाद शहरवासियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है।

लंबे समय से मादा भालू का था आतंक 

जानकारी के अनुसार, बीते कुछ समय से मनेन्द्रगढ़ नगर और उससे लगे रिहायशी इलाकों में मादा भालू अपने दो शावकों के साथ विचरण कर रही थी। भालू के बार-बार आबादी क्षेत्र में आने से आमजन में भय का माहौल बन गया था। सुबह-शाम लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे थे, वहीं बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कई स्थानों पर भालू के दिखाई देने की खबरें सामने आने के बाद वन विभाग ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विशेष टीम का गठन किया।

ट्रैंकुलाइजेशन की प्रक्रिया से वन विभाग की टीम ने पकड़ा

वन विभाग द्वारा पहले चरण में क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई और भालू के मूवमेंट को चिन्हित किया गया। इसके बाद रणनीति के तहत शावकों को सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजड़े लगाए गए। प्रयास रंग लाया और दोनों शावक वन विभाग द्वारा रखे गए पिंजड़ों में फंस गए। शावकों के पकड़े जाने के बाद मादा भालू को काबू में करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि वह आक्रामक व्यवहार दिखा सकती थी। ऐसे में वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता के साथ ट्रैंकुलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई।

विशेषज्ञों की मौजूदगी में मादा भालू को ट्रैंकुलाइज़ कर सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। पूरी कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि किसी भी प्रकार की जनहानि या भालू परिवार को अनावश्यक चोट न पहुंचे। सफल ऑपरेशन के बाद मादा भालू और उसके दोनों शावकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

भालू के पकड़े जाने की ख़बर से लोगों ने ली राहत

इस खबर के सामने आते ही क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से भय के साये में जीवन व्यतीत करना पड़ रहा था। भालू के पकड़े जाने से अब सामान्य दिनचर्या लौटने की उम्मीद जगी है। व्यापारियों, राहगीरों और स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने भी वन विभाग के प्रयासों की सराहना की।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए मादा भालू और उसके शावकों को वन क्षेत्र में सुरक्षित वातावरण में पुनर्वास के लिए भेजा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक आवास में रह सकें। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी।