बादशाह मुहम्मद बिन तुगलक की तरह बार-बार फैसला बदल रहे जिले के अधिकारी

खनिज न्यास निधि से 45 लाख रुपए खर्च कर इसे सजाने संवारने का काम किया गया था। अब प्रशासन ने इसे पूरी तरह से खोद दिया है। अब यहां 27 लाख रुपए से राक क्लाईम्बिंग प्रशिक्षण केंद्र

बादशाह मुहम्मद बिन तुगलक की तरह बार-बार फैसला बदल रहे जिले के अधिकारी
पहले 40 लाख रुपए से हुआ इंडोर स्टेडियम का निर्माण, अब यहीं चल रही तोड़फोड़
बादशाह मुहम्मद बिन तुगलक की तरह बार-बार फैसला बदल रहे जिले के अधिकारी

बादशाह मुहम्मद बिन तुगलक की तरह बार-बार फैसला बदल रहे जिले के अधिकारी

पहले 45 लाख खर्च कर हुआ इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम का कायाकल्प

अब यहां रॉक क्लाइंबिंग, पर्वतारोहण प्रशिक्षण के लिए हो रहा तोडफ़ोड़

जूदेव की पहल पर हुआ था स्टेडियम का निर्माण, खिलाडिय़ों व नगरवासियों ने नाराजगी

 

जशपुरनगर. शहर के जय स्तंभ चौक के पास स्थित इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम की खुदाई शुरू कर दी गई है। यहां काम में जुटे मजदूरों ने इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम में लाखों की लागत से लगे हुए मलेशियन वुडन फ्लोर को उखाड़ दिया गया है।

          इस स्टेडियम में खेल विभाग खनिज न्यास निधि से राक कलाईबिंग ट्रेनिंग केंद्र का निर्माण करा रहा है। विभाग के इस अविवेकपूर्ण निर्णय से खिलाडिय़ों और नगरवासियों में नाराजगी व्याप्त है।

               खेल विभाग की मनमानी पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस स्टेडियम का निर्माण 1998 में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दिलीप सिंह जूदेव की पहल पर किया गया था। यह स्टेडियम शहर के बैडमिंटन खिलाडिय़ों के दैनिक अभ्यास का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि उनके साथ शहर के चिकित्सक, शिक्षक, व्यवसायी मिल कर यहां सालों तक बैडमिंटन खेलते रहे हंै। इस स्टेडियम का कोर्ट मलेशिया वुड से बना है, जो काफी कीमती होता है। उसे इस तरह से तोड़ा जाना बेहद दुखद है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से अपने निर्णय पर पुर्नविचार करने की अपील भी।

            बैडमिंटन खिलाड़ी एहसान अंसारी का कहना है कि एक सप्ताह पहले तक वे अपने साथियों के साथ इस इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन खेल रहे थे। इस दौरान कोर्ट पूरी तरह से ठीक था। अचानक उन्होंने देखा कि इस कोर्ट को मजदूर तोड़ कर यहां खुदाई में जुटे हुए हैं, जिससे उन्हे काफी तकलीफ  हुई। विजयेंद्र भगत, लक्ष्मण प्रजापति, प्रेम खलखो, संजीव तिग्गा और अनिकेत श्रीवास्तव ने भी बैडमिंटन कोर्ट को इस तरह से उखाड़े जाने पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा कि वे अब बैडमिंटन खेलने कहां जाएंगे। इस इंडोर स्टेडियम में खेल विभाग पर्वतारोहण, राक क्लाईम्बिंग प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करा रहा है। इसके लिए जिला खनिज न्यास निधि से 27 लाख रुपए का आबंटन प्राप्त हुआ है। इस केंद्र में युवाओं को पर्वतारोहण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देकर उसका अभ्यास कराया जाएगा। इसके लिए आर्टिफिशियल वाल ट्रेकिंग का निर्माण कराया जा रहा है।

पहले 45 लाख से हुआ था स्टेडियम का जीर्णोद्वार

  भाजपा के दिग्गज नेता रहे जशपुर राजपरिवार के कुमार दिलीप सिंह जूदेव ने शहरवासियों के बैडमिंटन खेल से लगाव को देखते हुए वर्ष 1998 में इसका विशेष रूप से निर्माण कराया था। लंबे समय तक यह शहर ही नहीं जिले का एकमात्र इंडोर बैडमिंटन स्टेडियम रहा। समय-समय पर इसे अपग्रेड करने और रख-रखाव का काम भी होता रहा है। इससे जुड़े खिलाडिय़ों का कहना है कि कोरोनाकाल के बाद खनिज न्यास निधि के सहयोग से 45 लाख रुपए खर्च कर इसे सजाने संवारने का काम किया गया था। अब प्रशासन ने इसे पूरी तरह से खोद दिया है।

वर्सन

मैने अभी हाल ही में खेल विभाग का प्रभार लिया है। इंडोर स्टेडियम में निर्माण की जानकारी लेकर ही कुछ बता पाउंगा।

प्रदीप राठिया, प्रभारी जिला खेल अधिकारी।