जशपुर जिला चिकित्सालय में हुई जीवनदायिनी सर्जरी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से ग्रसित गर्भवती महिला की बचाई गई जान
जशपुर जिला चिकित्सालय में हुई जीवनदायिनी सर्जरी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से ग्रसित गर्भवती महिला की बचाई गई जान जिला चिकित्सालय में मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
जशपुर जिला चिकित्सालय में हुई जीवनदायिनी सर्जरी
एक्टोपिक प्रेग्नेंसी से ग्रसित गर्भवती महिला की बचाई गई जान
जिला चिकित्सालय में मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 09 जनवरी 2026 :- कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन तथा जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में जिला चिकित्सालय जशपुर में आम नागरिकों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं।
इसी क्रम में माह दिसंबर 2025 के अंत में जिला चिकित्सालय जशपुर में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी जैसी अत्यंत जटिल स्थिति से ग्रसित गर्भवती महिला की सफल सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जिला अस्पताल की वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एम ममता साय द्वारा अस्थानिक गर्भावस्था अर्थात एक्टोपिक प्रेग्रेंसी से पीडि़त महिला का सफल ऑपरेशन किया गया। इस दौरान गर्भाशय के बाहर विकसित हो रहे अविकसित एवं मृत भ्रूण को सुरक्षित रूप से निकालकर मां की जान बचाई गई। डॉ. साय ने बताया कि जब निषेचित अंडा गर्भाशय में स्थापित होने के बजाय फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, पेट या सर्विक्स में कहीं और विकसित होने लगता है तो उसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि लगभग 95 प्रतिशत मामलों में यह स्थिति फैलोपियन ट्यूब में पाई जाती है।
डॉण् ममता साय ने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या सूजन होना होता हैए जिसके चलते अंडा गर्भाशय तक नहीं पहुंच पाता। इस अवस्था के प्रमुख लक्षणों में पेल्विक क्षेत्र में भारीपन व खिंचावए पेशाब या मल त्यागने में परेशानीए पेट के एक ओर तीव्र दर्द, योनि से असामान्य रक्तस्राव, चक्कर आना तथा कंधे में दर्द शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि एक्टोपिक प्रेग्नेंसी एक जानलेवा स्थिति हैए जिसमें गर्भावस्था को जारी रखना संभव नहीं होता और त्वरित उपचार न मिलने पर महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इस सफल सर्जरी में डॉ. एम ममता साय के साथ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कलावती पटेल, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. आकाश कुजूर एवं उनकी पूरी चिकित्सकीय टीम के साथ-साथ अस्पताल सलाहकार राजेश कुरील की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला चिकित्सालय जशपुर की इस उपलब्धि से स्पष्ट होता है कि जिले में अब गंभीर से गंभीर प्रसूति संबंधी जटिलताओं का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो पा रहा है, जिससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
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