*7 साल बाद जेल से मिली आजादी, 2 घंटे बाद अस्पताल में मौत*

*7 साल बाद जेल से मिली आजादी, 2 घंटे बाद अस्पताल में मौत* *दूसरी पत्नी की हत्या में उम्रकैद काट रहा बंदी घर नहीं पहुंच सका, बेटी पार्थिव शरीर लेकर लौटी*

*7 साल बाद जेल से मिली आजादी, 2 घंटे बाद अस्पताल में मौत*

*7 साल बाद जेल से मिली आजादी, 2 घंटे बाद अस्पताल में मौत*

*दूसरी पत्नी की हत्या में उम्रकैद काट रहा बंदी घर नहीं पहुंच सका, बेटी पार्थिव शरीर लेकर लौटी*

लोक सीजी न्यूज जशपुर/अंबिकापुर 25 जुलाई 2026 :-  दूसरी पत्नी की हत्या के मामले में सजा काट रहे 66 वर्षीय बंदी श्याम जतन साय को 7 साल बाद जेल से रिहाई मिली, लेकिन आजादी का सुख वह कुछ ही घंटे देख सका। केंद्रीय जेल से रिहा होने के करीब दो घंटे बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार उसे घर ले जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन अंततः बेटी को पिता का पार्थिव शरीर लेकर लौटना पड़ा।

अम्बिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खलिबा निवासी श्याम जतन साय दूसरी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल में अच्छे आचरण के कारण शासन ने उसकी दो साल की सजा माफ कर दी थी और 24 जुलाई को उसकी रिहाई तय थी।

रिहाई से एक दिन पहले उसकी तबीयत बिगड़ गई। लूज मोशन की शिकायत पर जेल प्रशासन ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। तय समय के अनुसार 24 जुलाई को दोपहर 12.30 बजे अस्पताल से ही उसे औपचारिक रूप से रिहा कर परिजनों को सौंप दिया गया, लेकिन इलाज के दौरान करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

केंद्रीय जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत ने बताया कि श्याम जतन का जेल में व्यवहार अच्छा था, इसलिए उसे सजा में छूट मिली थी। रिहाई की खबर सुनकर वह बेहद खुश था। उसकी बेटी सानिया भी उसे घर ले जाने पहुंची थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसे पिता का पार्थिव शरीर लेकर लौटना पड़ा।