*दोकड़ा में श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ भगवान जगन्नाथ का भव्य सुना वेश*

*दोकड़ा में श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ भगवान जगन्नाथ का भव्य सुना वेश* *स्वर्णाभूषणों से सजे महाप्रभु के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु*

*दोकड़ा में श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ भगवान जगन्नाथ का भव्य सुना वेश*

*दोकड़ा में श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ भगवान जगन्नाथ का भव्य सुना वेश*

*स्वर्णाभूषणों से सजे महाप्रभु के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालु*

*रविवार को होगा अधर पाना एवं सोमवार को नीलाद्री विजय के साथ होगा गर्भगृह में पुनः प्रवेश*
 
*देवशयनी एकादशी में हुआ द्वीप प्रज्वलन*

लोक सीजी न्यूज / दोकड़ा 26 जुलाई  2026 :- जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शनिवार को भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का भव्य सुना वेश (सोना वेश) श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। बहुड़ा रथयात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में विराजमान महाप्रभु का स्वर्णाभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए शाम से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
            सुना वेश के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा को स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण आभूषण तथा अन्य दिव्य अलंकरणों से सजाया गया। महाप्रभु के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे तथा परिवार, समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की।
पूरे मंदिर परिसर में हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए लगी रही। मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के उद्घोष से भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
मंदिर समिति के अनुसार रविवार को पारंपरिक अधर पाना अनुष्ठान सम्पन्न होगा, जबकि सोमवार को नीलाद्री विजय के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा पुनः मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ द्वारा माता लक्ष्मी को रसगुल्ला अर्पित कर उन्हें प्रसन्न करने की प्राचीन परंपरा भी निभाई जाएगी।
वर्ष 1942 से निरंतर आयोजित हो रही दोकड़ा की ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं झारखंड के श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।