*क्रिकेट सट्टे की लत ने ली युवा कारोबारी की जान, 1 करोड़ के कर्ज में डूबे व्यवसायी ने खाया जहर* *अंबिकापुर में 10 दिन में दूसरी मौत: लाखों-करोड़ों के सट्टे ने उजाड़े घर, पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश*
*क्रिकेट सट्टे की लत ने ली युवा कारोबारी की जान, 1 करोड़ के कर्ज में डूबे व्यवसायी ने खाया जहर* *अंबिकापुर में 10 दिन में दूसरी मौत: लाखों-करोड़ों के सट्टे ने उजाड़े घर, पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश*
*क्रिकेट सट्टे की लत ने ली युवा कारोबारी की जान, 1 करोड़ के कर्ज में डूबे व्यवसायी ने खाया जहर*
*अंबिकापुर में 10 दिन में दूसरी मौत: लाखों-करोड़ों के सट्टे ने उजाड़े घर, पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश*
लोक सीजी न्यूज / जशपुर 19 मई 2026 क्रिकेट सट्टेबाजी की लत लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रही है। लाखों-करोड़ों रुपए के दांव लगाने वाले लोग कर्ज में डूब रहे हैं और हालात ऐसे बन रहे हैं कि वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। अंबिकापुर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां शहर के सद्भावना चौक निवासी एक युवा व्यवसायी ने कथित तौर पर सट्टे में भारी नुकसान और कर्ज से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पिछले 10 दिनों में शहर में यह दूसरी ऐसी घटना है।
जानकारी के अनुसार, सद्भावना चौक निवासी आशीष गर्ग (43) ‘आशीष जनरल स्टोर्स’ नामक दुकान का संचालन करता था। बताया जा रहा है कि उसे क्रिकेट सट्टे की लत थी और वह लगातार इसमें बड़ी रकम हार चुका था। उसके ऊपर करीब 1 करोड़ रुपए का कर्ज हो गया था। रविवार को उसने जहर खा लिया। परिजन उसे गंभीर हालत में शहर के होलीक्रॉस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक, आशीष का व्यापार भी ठीक नहीं चल रहा था। वह पिता से अलग पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मृतक के भाई ने बताया कि आशीष पहले भी कुएं में कूदकर आत्महत्या की कोशिश कर चुका था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी। तब भी वह लाखों रुपए के कर्ज में डूबा हुआ था और पिता ने आर्थिक मदद की थी, लेकिन वह इस स्थिति से बाहर नहीं निकल सका।
उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर में पिछले 10 दिनों में क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े कारणों से आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 8 मई को पुराना बस स्टैंड स्थित अंश ड्राईफ्रूट्स के संचालक संदीप अग्रवाल (40) ने भी जहर खाकर जान दे दी थी। उसने पिता और पत्नी के नाम दो सुसाइड नोट छोड़े थे।


