*शौचालय घोटाले में बड़ी चूक: असली आरोपी की जगह दूसरे सरपंच को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

*शौचालय घोटाले में बड़ी चूक: असली आरोपी की जगह दूसरे सरपंच को पुलिस ने किया गिरफ्तार* *कोर्ट में दस्तावेज सामने आते ही खुली प्रशासन की गलती, जनपद पंचायत सीईओ पर कार्रवाई की मांग*

*शौचालय घोटाले में बड़ी चूक: असली आरोपी की जगह दूसरे सरपंच को पुलिस ने किया गिरफ्तार*
कोर्ट परिसर में मामले को लेकर मची खलबली

*शौचालय घोटाले में बड़ी चूक: असली आरोपी की जगह दूसरे सरपंच को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

*कोर्ट में दस्तावेज सामने आते ही खुली प्रशासन की गलती, जनपद पंचायत सीईओ पर कार्रवाई की मांग*

लोक सीजी न्यूज / जशपुर/अंबिकापुर 1 अगस्त  2026 :- सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि के कथित गबन मामले में जनपद पंचायत अंबिकापुर की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। जिस पंचायत में गबन हुआ, उसके बजाय दूसरी पंचायत के सरपंच को पुलिस ने गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश कर दिया। कोर्ट में दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का मामले से कोई संबंध नहीं है। घटना के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस ने इसे गंभीर चूक बताते हुए जनपद पंचायत सीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

            घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायत चीताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण की 1.75 लाख रुपए की अंतर राशि के कथित गबन की जांच चल रही है। उस समय चीताबहार के सरपंच शिवनाथ भगत और सचिव देवेंद्र सिंह थे। वर्ष 2024 में पंचायत सचिव ने गबन की जानकारी जनपद पंचायत को भेजी थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान रिकॉर्ड में कथित त्रुटि के कारण सरईटिकरा पंचायत के सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।

शुक्रवार सुबह दरिमा पुलिस ने रामसाय मिंज को खेत से गिरफ्तार कर थाने ले गई। उनका आरोप है कि उन्हें कपड़े बदलने तक का मौका नहीं दिया गया। बाद में पुलिस ने उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया, जहां उन्होंने दस्तावेज प्रस्तुत कर बताया कि वे कभी भी ग्राम पंचायत चीताबहार के सरपंच नहीं रहे हैं और उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। दस्तावेजों की जांच के बाद प्रशासन की गलती सामने आई। रामसाय मिंज ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत लेने से भी इनकार कर दिया। घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि कांग्रेस ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।अगर चाहें तो इसे बिल्कुल दैनिक भास्कर की प्रिंट एडिशन शैली (इंट्रो + बॉक्स + 2-3 छोटे सबहेड के साथ) में भी तैयार कर सकता हूँ।