एनएचएम के कर्मचारियों ने दंडात्मक कार्यवाही पर जताया विरोध, 18वें दिन भी जारी रहा हड़ताल
प्रांतीय आह्वाहन पर अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे प्रदेश सहित जशपुर जिले के एनएचएम कर्मचारियों के प्रति शासन ने अपना रुख सख्त कर दिया है।
एनएचएम के कर्मचारियों ने दंडात्मक कार्यवाही पर जताया विरोध, 18वें दिन भी जारी रहा हड़ताल
जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज. प्रांतीय आह्वाहन पर अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे प्रदेश सहित जशपुर जिले के एनएचएम कर्मचारियों के प्रति शासन ने अपना रुख सख्त कर दिया है।
एनएचएम कर्मचारियों का हड़ताल समाप्त कर 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने के संबंध में नोटिस जारी किया है, साथ ही राज्य स्तर से अगुवाई कर रहे, राज्य के 25 से अधिक पदाधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारी भी अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।
पूर्व में आयुक्त एनएचएम द्वारा जारी नोटिस की प्रतियां जलाकर कर्मचारियों ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के किसी नोटिस से डरने वाले नहीं हैं।
मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे
इस संबंध में संघ के जिला अध्यक्ष शत्रुघ्न बघेल ने बताया कि सरकार ने अभी तक कर्मचारियों की मांगों के प्रति सकारात्मक रूप नहीं अपनाया। सरकार कहती है कि उसने एनएचएम कर्मचारियों की 5 मांग को पूरा कर दिया है, लेकिन आज पर्यंत तक पुरी की गई मांगों के संबंध में लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों ने शासन पर आरोप लगाया है कि चुनाव में वादा किए जाने के बाद भी सरकार बीते करीब 2 साल से हमें आश्वासन का झुनझुना पकड़ा रही है। साथ ही बगैर लिखित आदेश जारी किए कुछ मांग को पूरा किए जाने की बात कह कर इस पर भी कोई काम नहीं किया जा रहा है। लेकिन अब कर्मचारी सरकार के आश्वाशन पर विश्वास करने वाली नहीं है। जब तक मांग को लिखित आदेश जारी नहीं होता है ये हड़ताल जारी रहेगी।
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