प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला का चयन

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का हुआ शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार, कहा प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ  मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला का चयन
कार्यक्रम में हितग्राहियों को राशि प्रदान करते मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का हुआ शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ

मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार, कहा प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी

लोक सीजी न्यूज़/रायपुर/ 11 अक्टूबर 2025 :- प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रुपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रुपए शामिल है। इसके अलावा मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे। 

         इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।  

आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

         मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।

जिला पंचायत के सभाकक्ष से वर्चुअल के माध्यम से जशपुर के किसान सीधे जुड़े

 प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (PMDDKY) जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया, जिसमे पी एम धन-धान्य कृषि योजना के तहत आज भारत के किसान भाईयों एवं बहनों को 42000 करोड़ रू. से अधिक कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया गया साथ-साथ कृषि अवसंरचना कोष, पशुपालन, मत्स्यपालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया।

        विधायक जशपुर रायमुनी भगत के द्वारा इस धन धान्य कृषि योजना के बारे में चर्चा करते हुए दलहन एवं तिलहन फसल का रकबा एवं उपज बढाने पर विशेष रूप से जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में कृषि एवं संबद्ध विभाग के प्रगतिशील 20 कृषकों (जिसमें कृषि विभाग से उमेशनंद राम, बंधुराम, जगदीश भगत, पैकस, सहरू राम को उन्नत पद्धति से कृषि कार्य एवं दलहन के खेती हेतु, मत्स्य विभाग से अनिल, संदीप, प्रभात, विनोद, अंकित को स्वयं के भूमि में मत्स्यपालन हेतु एवं उरसेला को शासकीय तालाब में पट्टा लेकर मछलीपालन हेतु, उद्यान विभाग से मकुंद, जिले में ऑयलपॉम 5.000 हे. ग्राफ्टेड टमाटर की खेती हेतु, अशोक राम, हाइब्रिड अमरूद की खेती हेतु, पवन राम भगत, ग्राफ्टेड टमाटर की खेती हेतु, मनोज कुमार, ऑयलपॉम 2.000 हेक्टेयर में खेती हेतु, पशुपालन विभाग से अरुण यादव, रामबली यादव, अमर यादव, नंदकुमार यादव, रामसागर यादव को पशुपालन कार्य हेतु सम्मानित किया गया।               

  इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, अभिषेक कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जशपुर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे, जिला स्तर कार्यक्रम में 191 कृषक उपस्थित रहे।