79वां स्वाधीनता दिवस समारोह, दिल्ली के लाल क़िले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा

79वां स्वाधीनता दिवस समारोह, दिल्ली के लाल क़िले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा देश को संबोधित करते हुए कहा की, पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है, लाल किले से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने किया ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

79वां स्वाधीनता दिवस समारोह, दिल्ली के लाल क़िले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा
लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री

79वां स्वाधीनता दिवस समारोह, दिल्ली के लाल क़िले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा 

देश को संबोधित करते हुए कहा की, पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है

लाल किले में पीएम मोदी ने किया ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र 

 दिल्ली/लोक सीजी न्यूज़. 15 अगस्त 2025। 79 वें स्वाधीनता दिवस समारोह में आज दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के 140 करोड़ देशवासी तिरंगे के रंग में रंगे हुए हैं, भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो या हिमालय की चोटियां, समुंदर के तट हो या घनी आबादी वाले क्षेत्र हर तरफ से एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है- हमारी प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है। देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का पर्व संकल्पों का पर्व है। एकता की भावना को देश मजबूती दे रहा है, संविधान प्रकाश स्तंभ बन देश को प्रकाश दे रहा है, ये सामूहिक सिद्धियों का पर्व है।

        प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा की, हमने धारा 370 की दीवार गिराकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। 15 अगस्त का विशेष महत्व भी देख रहा हूं. आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला। हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी और पहलगाम में सीमापार से आतंकियों ने आकर जिस तरह कत्लेआम किया, धर्म पूछ-पूछकर लोगों को मारा गया, पत्नी के सामने पति को गोलियां, बच्चों के सामने पिता को मौत के घाट उतार दिया गया, ऑपरेशन सिंदूर उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है। पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है, रोज नए खुलासे हो रहे हैं, हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है. देश के सीने को झलनी कर दिया गया है. हमने आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को ताकत देने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे. वो मानवता के समान दुश्मन हैं. उनमें कोई फर्क नहीं है. भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं ।न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अर्से से हो रही है, लेकिन हम इसे नहीं सहेंगे, हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।